अग्नि — देवता; सरस्वती पर 'रथाग्नि' के नाम से उनका तीर्थ है। भा. ३.१.२२ में विदुर द्वारा सेवित तीर्थों में उनका उल्लेख है: 'पृथोरथाग्नेरसितस्य वायोः'।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 3.1.22 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर अध्याय-पृष्ठ; देवनागरी पाठ सत्यापित प्रतिलिपि से — validation/sanskrit_skandha3.json)