वृष्णि और भोज के साथ प्रभास-गमन
भा. ३.३.२५ में 'वृष्णिभोजान्धकादयः' कहकर अन्धक वृष्णि और भोज के साथ नामित हैं; वे सब देवों द्वारा मोहित होकर रथों से प्रभास को गये।
Andhakas
अन्धक — यादव समूहों में से एक। भा. ३.३.२५ में 'वृष्णिभोजान्धकादयः' कहकर उन्हें वृष्णि और भोज के साथ गिना गया है; वे सब देवों द्वारा मोहित होकर, हर्षित हो, रथों से प्रभास को गये, जहाँ स्नान और तर्पण कर ब्राह्मणों को दान दिये गये (भा. ३.३.२५-२८)।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 3.3.25 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर अध्याय-पृष्ठ; देवनागरी पाठ सत्यापित प्रतिलिपि से — validation/sanskrit_skandha3.json)
भा. ३.३.२५ में 'वृष्णिभोजान्धकादयः' कहकर अन्धक वृष्णि और भोज के साथ नामित हैं; वे सब देवों द्वारा मोहित होकर रथों से प्रभास को गये।