'सुप्तान् अवधीन्निशि बालकान्' (भा. १.७.३५); ब्रह्मबन्धु के रूप में मारा नहीं गया — मुण्डन-द्रविण-निर्यापन दण्ड मिला।
अश्वत्थामा
Ashvatthama
अन्य नाम गौतमीसुतः · द्रौणिः
अश्वत्थामा — द्रोणाचार्य का पुत्र, ब्राह्मण-क्षत्रिय; महाभारत-युद्ध के अन्त में सोते हुए पाण्डव-पुत्रों का वध किया; ब्रह्मास्त्र चलाया। भा. १.७ में अर्जुन ने कृष्ण के निर्देश से मुण्डन-द्रविण-निर्यापन दण्ड दिया (वध नहीं)। परम्परा में चिरजीवी माने जाते हैं।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.7.14 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=110178)
अश्वत्थामा का द्रोण के साथ सम्बन्ध: पुत्र। स्रोत प्रमाण (SB 1.7.14): अश्वत्थामा द्रोण का पुत्र है: 'द्रौणि' (भा. १.७.१४)। प्रमाण: प्रत्यक्ष (पितृ-वाचक उपनाम)।
पुत्र Kripi Humanअश्वत्थामा का कृपी के साथ सम्बन्ध: पुत्र। स्रोत प्रमाण (SB 1.7.47): अश्वत्थामा कृपी का पुत्र है: 'मा रोदीदस्य जननी गौतमी' (भा. १.७.४७) — 'इसकी माता'। दिशा: पुत्र → माता। प्रमाण: प्रत्यक्ष।
'अजानन् उपसंहारं प्राणकृच्छ्र उपस्थिते' (भा. १.७.२०) — यही अर्जुन से उसका निर्णायक भेद है (तुलना: भा. १.७.३२)।