भा. ३.१०.२८ में भूतों का नाम प्रेतों और पिशाचों के साथ आता है: 'भूतप्रेतपिशाचाश्च विद्याध्राः किन्नरादयः'। ये दश सर्ग विश्वसृज् द्वारा कृत बताये गये हैं।
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भूत
Bhutas
भूत — जाति, जिसे भागवत दश सर्गों की अन्तिम सूची में गिनता है। भा. ३.१०.२८ में: 'भूतप्रेतपिशाचाश्च विद्याध्राः किन्नरादयः । दशैते विदुराख्याताः सर्गास्ते विश्वसृक्कृताः'। ध्यान रहे कि 'भूत' शब्द भागवत में तत्त्व-अर्थ में भी आता है (जैसे भा. ३.५.३१ 'भूतसूक्ष्मादिः'); यहाँ यह एक जाति का नाम है।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 3.10.28 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर अध्याय-पृष्ठ; देवनागरी पाठ सत्यापित प्रतिलिपि से — validation/sanskrit_skandha3.json)
दश सर्गों की अन्तिम सूची में नामित