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ब्राह्मण

Brahmanas

ब्राह्मण — वर्ण, पुरुष के मुख से उत्पन्न। भा. ३.६.३० में: 'मुखतोऽवर्तत ब्रह्म पुरुषस्य कुरूद्वह । यस्तून्मुखत्वाद्वर्णानां मुख्योऽभूद्ब्राह्मणो गुरुः' — पुरुष के मुख से ब्रह्म प्रवर्तित हुआ, और उन्मुखत्व के कारण ब्राह्मण वर्णों में मुख्य तथा गुरु हुआ। भा. ३.६.३४ में इन चारों वर्णों को अपने-अपने धर्म से, श्रद्धापूर्वक, आत्मविशुद्धि के लिये, अपने गुरु हरि का यजन करने वाला बताया गया है।

श्रीमद्भागवतमहापुराण 3.6.30 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर अध्याय-पृष्ठ; देवनागरी पाठ सत्यापित प्रतिलिपि से — validation/sanskrit_skandha3.json)