दक्ष
Daksha
दक्ष प्रजापतियों में प्रमुख और ब्रह्मा के मानस-पुत्र हैं, जिनकी अनेक कन्याओं से देवता, दैत्य, नाग, पक्षी और समस्त प्राणि-वर्ग की उत्पत्ति हुई — अदिति और दिति भी उन्हीं की पुत्रियाँ हैं। उनकी सबसे प्रसिद्ध कथा सती से सम्बद्ध है: शिव के प्रति अपमान-भाव के कारण उन्होंने अपने यज्ञ में उन्हें आमन्त्रित नहीं किया, जिससे सती ने देह त्याग किया और वीरभद्र द्वारा यज्ञ विध्वंस हुआ। भागवत के चतुर्थ स्कन्ध में यह प्रसङ्ग विस्तार से आता है। भा. २.६.४२ में ब्रह्मा उन्हें प्रजापतियों में गिनाते हुए उस सूची में रखते हैं जिसका निष्कर्ष यह है कि लोक में जो कुछ भी तेजस्वी और ऐश्वर्यवान् है वह सब उसी परम तत्त्व का है।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 2.6.42 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=200169)