भा. ३.७.३२ में विदुर 'वार्ताया दण्डनीतेश्च श्रुतस्य च विधिं पृथक्' पूछते हैं — वार्ता, दण्डनीति और श्रुत का पृथक्-पृथक् विधि। दण्डनीति को यहाँ शासन की नीति के रूप में, चार पुरुषार्थों के पार्श्व में, रखा गया है।
सिद्धांत
दण्डनीति
Dandaniti
अन्य नाम Danda-niti (the science of the rod)
दण्डनीति — शासन की नीति, जिसे भागवत वार्ता के साथ रखता है। भा. ३.७.३२ में विदुर 'वार्ताया दण्डनीतेश्च श्रुतस्य च विधिं पृथक्' पूछते हैं — वार्ता, दण्डनीति और श्रुत का पृथक्-पृथक् विधि। यह उल्लेख चार पुरुषार्थों के निमित्तों के तुरन्त बाद आता है, जहाँ विदुर 'अविरोधतः' — अविरोध से — की शर्त रखते हैं।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 3.7.32 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर अध्याय-पृष्ठ; देवनागरी पाठ सत्यापित प्रतिलिपि से — validation/sanskrit_skandha3.json)
वार्ता के साथ पृथक् विधि का विषय