'सिद्धेशः कालविप्लुतं प्रोवाचासुरये सांख्यम्' (भा. १.३.१०)।
कपिल
Kapila
अन्य नाम सिद्धेशः · Siddhisha (lord of the perfected)
कपिल — सांख्य-दर्शन के आदि-आचार्य: परम्परा में कर्दम-देवहूति के पुत्र कपिलदेव, जिन्होंने माता को सांख्य-ज्ञान दिया (भागवत स्कन्ध ३ का कपिल-संवाद)। भा. १.३.१०: 'पञ्चमः कपिलो नाम सिद्धेशः' — भगवान् के पाँचवें अवतार, जिन्होंने काल से विलुप्त सांख्य को पुनः आसुरि को उपदिष्ट किया।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.3.10 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=369178)
कपिल का देवहूति के साथ सम्बन्ध: पुत्र। स्रोत प्रमाण (SB 2.7.3): कपिल कर्दम के घर देवहूति से उत्पन्न हुए और उन्होंने अपनी माता को ही आत्मगति का उपदेश दिया: 'जज्ञे च कर्दमगृहे द्विज देवहूत्यां… ऊचे… स्वमात्रे' (भा. २.७.३)। दिशा: पुत्र → माता। प्रमाण: प्रत्यक्ष।
गुरु Asuri ऋषिकपिल का आसुरि के साथ सम्बन्ध: शिक्षक। स्रोत प्रमाण (SB 1.3.10): कपिल ने आसुरि को सांख्य का उपदेश दिया: 'प्रोवाचासुरये सांख्यम्' (भा. १.३.१०)। प्रमाण: प्रत्यक्ष।
अवतार-सूची में पाँचवें: 'पञ्चमः कपिलो नाम सिद्धेशः' (भा. १.३.१०)। प्रमाण: प्रत्यक्ष (सूची-प्रसंग)।
कपिल ने सम्पूर्ण तत्त्व-समूह का निर्णय कराने वाला सांख्य दिया: 'सांख्यं तत्त्वग्रामविनिर्णयम्' (भा. १.३.१०)। प्रमाण: प्रत्यक्ष।
भगवान् कपिल कृष्ण के गुह्यतम प्रभाव के ज्ञाता हैं (भा. १.९.१९)। प्रमाण: प्रत्यक्ष।