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कर्दम

Kardama

कर्दम प्रजापति ब्रह्मा के मानस-पुत्र और स्वायम्भुव मनु के जामाता हैं, जिन्होंने बिन्दुसरोवर के तट पर दीर्घ तप किया और भगवान् के वरदान से देवहूति को पत्नी रूप में प्राप्त किया। उनसे नौ कन्याएँ उत्पन्न हुईं जो नौ ऋषियों को ब्याही गईं, और अन्त में स्वयं भगवान् कपिल रूप में उनके पुत्र हुए। भागवत के तृतीय स्कन्ध में उनका आख्यान विस्तार से आता है, जिसमें वे गृहस्थ-धर्म पूर्ण कर संन्यास ग्रहण करते हैं। भा. २.७.३ में यह प्रसङ्ग एक ही श्लोक में सङ्केतित है — 'कर्दमगृहे द्विज देवहूत्यां स्त्रीभिः समं नवभिः'।

श्रीमद्भागवतमहापुराण 2.7.3 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=200170)