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कौस्तुभ

Kaustubha

भगवान् के वक्ष का रत्न

भा. ३.८.३० में ब्रह्मा उस रूप का ध्यान करते हैं जो 'किरीटसाहस्रहिरण्यशृङ्गमाविर्भवत्कौस्तुभरत्नगर्भम्' है — सहस्र स्वर्ण शृङ्ग वाला और कौस्तुभ-रत्न को गर्भ में रखने वाला।