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क्षत्रिय

Kshatriyas

क्षत्रिय — वर्ण, पुरुष के बाहुओं से उत्पन्न। भा. ३.६.३१ में: 'बाहुभ्योऽवर्तत क्षत्रं क्षत्रियस्तदनुव्रतः । यो जातस्त्रायते वर्णान् पौरुषः कण्टकक्षतात्' — बाहुओं से क्षत्र प्रवर्तित हुआ, और क्षत्रिय उसके अनुव्रत है, जो उत्पन्न होकर वर्णों को चोरों के कण्टक से बचाता है। श्लोक उनका कार्य रक्षा बताता है, न कि केवल उत्पत्ति।

श्रीमद्भागवतमहापुराण 3.6.31 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर अध्याय-पृष्ठ; देवनागरी पाठ सत्यापित प्रतिलिपि से — validation/sanskrit_skandha3.json)