'अहो अलं पुण्यतमं मधोर्वनम्' (भा. १.१०.२६) — जहाँ वे जन्म और विचरण से शोभा बढ़ाते हैं।
स्थान
मथुरा
Mathura
मथुरा (मधु-वन) — यमुना-तट पर बसी प्राचीन नगरी, शूरसेन जनपद की राजधानी; कृष्ण की जन्म-भूमि, जहाँ कंस के कारागार में देवकी से उनका प्रादुर्भाव हुआ। मधु दैत्य के नाम से यह 'मधोर्वन' कहलाई। कंस-वध के पश्चात् कृष्ण ने यहीं उग्रसेन को पुनः राज्य दिया; बाद में जरासन्ध के आक्रमणों के कारण यदुवंश द्वारका चला गया। भा. १.१०.२६ में पुर-स्त्रियाँ इसे 'अत्यन्त पुण्यतम' कहती हैं, क्योंकि भगवान् ने अपने जन्म और विचरण से इसे शोभित किया।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.10.26 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=110181)
अत्यन्त पुण्यमय मधु-वन — भगवान् की जन्म-भूमि