'चाक्षुषोदधिसंप्लवे... अपाद् वैवस्वतं मनुम्' (भा. १.३.१५)।
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मत्स्य
Matsya
मत्स्य — विष्णु का मीन-अवतार: पुराण-परम्परा में प्रलय के समय वैवस्वत मनु को नाव से बचाने और वेदों की रक्षा करने वाला प्रथम अवतार। भा. १.३.१५: 'रूपं स जगृहे मात्स्यं चाक्षुषोदधिसंप्लवे' — चाक्षुष-प्रलय के समय मत्स्य-रूप धारणकर मनु की रक्षा की।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.3.15 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=369178)
चाक्षुष-प्रलय में वैवस्वत मनु-रक्षक
मत्स्य — avatara of — श्रीकृष्ण
चाक्षुष-प्रलय के समय उन्होंने मत्स्य-रूप धारण किया: 'रूपं स जगृहे मात्स्यम्' (भा. १.३.१५)। प्रमाण: प्रत्यक्ष।
मत्स्य — rescued — वैवस्वत मनु
नौका पर बिठाकर मत्स्य ने वैवस्वत मनु की रक्षा की: 'अपाद् वैवस्वतं मनुम्' (भा. १.३.१५)। दिशा सत्यापित। प्रमाण: प्रत्यक्ष।