मय ने अद्भुत शिल्प-माया वाली सभा का निर्माण किया: 'लब्धा सभा मयकृताद्भुतशिल्पमाया' (भा. १.१५.८) — खाण्डव-दाह के पश्चात् अर्जुन को प्राप्त। प्रमाण: प्रत्यक्ष।
Asura
मय दानव
Maya Danava
मय दानव — दानवों के प्रसिद्ध शिल्पी और स्थापत्य-विद्या के आचार्य; त्रिपुरासुरों के लिए तीन नगरों का निर्माण उन्हीं ने किया था। खाण्डव-दाह के समय अर्जुन और कृष्ण ने उन्हें अभयदान दिया, और कृतज्ञतावश उन्होंने इन्द्रप्रस्थ में पाण्डवों के लिए वह अद्भुत मायामय सभा-भवन बनाया जिसमें जल स्थल-सा और स्थल जल-सा प्रतीत होता था — दुर्योधन का उसी में गिरना महाभारत-युद्ध के कारणों में गिना जाता है। भा. १.१५.८ में अर्जुन इसी को 'मयकृताद्भुतशिल्पमाया सभा' कहकर स्मरण करते हैं।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.15.8 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=364156)
मय दानव — built — सुधर्मा सभा