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निरृति

निरृति ब्रह्मा के मेढ़्र से उत्पन्न हुई (भा. ३.१२.२६)। इन्हें 'अघाश्रय' कहा गया है, अर्थात् जिनका आश्रय अघ या अनर्थ है।

श्रीमद्भागवतमहापुराण 3.12.26 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर अध्याय-पृष्ठ; देवनागरी पाठ सत्यापित प्रतिलिपि से — validation/sanskrit_skandha3.json)