दत्तात्रेय-शिक्षित प्राचीन भक्तों में
'प्रह्लादादिभ्य ऊचिवान्' (भा. १.३.११)।
Prahlada
प्रह्लाद — हिन्दू परम्परा के आदर्श बाल-भक्त: हिरण्यकशिपु के पुत्र, नृसिंह-अवतार के प्रसंग के केन्द्र, जिनकी निर्भीक हरि-भक्ति परम्परा में अमर है। भा. १.३.११ में दत्तात्रेय-शिक्षित प्राचीन भक्तों में प्रथम नामित: 'प्रह्लादादिभ्य ऊचिवान्'।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.3.11 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=369178)
'प्रह्लादादिभ्य ऊचिवान्' (भा. १.३.११)।