उद्धव उत्तरा में अभिमन्यु द्वारा धारित वंश को 'पुरु का वंश' कहते हैं, जो द्रोणि के अस्त्र से कट गया और फिर भगवान् द्वारा धारण किया गया: 'उत्तरायां धृतः पूरोर्वंशः साध्वभिमन्युना' (भा. ३.३.१७)।
राजा
पुरु
Puru
पुरु — चन्द्रवंश के पूर्वज नरेश, जिनके नाम से उद्धव उस वंश को पुकारते हैं जिसे उत्तरा में अभिमन्यु ने धारण किया। भा. ३.३.१७: 'उत्तरायां धृतः पूरोर्वंशः साध्वभिमन्युना । स वै द्रौण्यस्त्रसञ्च्छिन्नः पुनर्भगवता धृतः' — पुरु का वंश द्रोणि (अश्वत्थामा) के अस्त्र से कट गया था और फिर भगवान् द्वारा धारण किया गया।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 3.3.17 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर अध्याय-पृष्ठ; देवनागरी पाठ सत्यापित प्रतिलिपि से — validation/sanskrit_skandha3.json)
चन्द्रवंश का पूर्वज, जिसका वंश अभिमन्यु द्वारा धारित हुआ