रावण
Ravana
रावण लङ्का का राक्षस-राज, विश्रवा मुनि और कैकसी का पुत्र तथा कुबेर का सौतेला भाई है; दस शीश होने से वह दशकन्धर और दशानन कहलाता है। ब्रह्मा के वर से देव, दानव और यक्षों से अवध्य होकर उसने तीनों लोकों को त्रस्त किया, किन्तु मनुष्य को तुच्छ समझने के कारण उसी से मारा गया। सीता-हरण उसका निर्णायक अपराध बना। भा. २.७.२३ में कहा गया है कि उससे विरोध कर वह 'आर्तिम् आर्च्छत्' — पीड़ा को प्राप्त हुआ; और भा. २.७.२५ में उसके बल का वर्णन है कि उसके वक्ष के स्पर्श से ऐरावत के दाँत टूट गए थे, जिससे उसकी पराजय और भी बड़ी सिद्ध होती है।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 2.7.23 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=200170)