समग्र तत्त्व-समूह का निर्णय
'तत्त्वग्रामविनिर्णयम्' (भा. १.३.१०)।
Samkhya (the doctrine)
सांख्य — भारत के षड्-दर्शनों में प्राचीनतम: कपिल-प्रणीत तत्त्व-गणना वाला दर्शन, जो पुरुष-प्रकृति विवेक द्वारा मुक्ति बताता है। भा. १.३.१० में कपिल-प्रदत्त 'तत्त्वग्रामविनिर्णय' — समस्त तत्त्वों का निश्चय — कहा गया, जो काल से विलुप्त हो गया था और पुनः उपदिष्ट हुआ।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.3.10 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=369178)
'तत्त्वग्रामविनिर्णयम्' (भा. १.३.१०)।