ऋषि
सनक
Sanaka
सनक उन चार मुनियों में प्रथम हैं जिन्हें आत्मभू ब्रह्मा ने सृजा (भा. ३.१२.४)। ये निष्क्रिय और ऊर्ध्वरेता हैं; ब्रह्मा के प्रजा-सृजन के आदेश को इन्होंने नहीं माना क्योंकि ये मोक्ष-धर्म में रत और वासुदेव-परायण थे।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 3.12.4 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर अध्याय-पृष्ठ; देवनागरी पाठ सत्यापित प्रतिलिपि से — validation/sanskrit_skandha3.json)