सनातन आत्मभू ब्रह्मा द्वारा सृजित चार मुनियों में तीसरे हैं (भा. ३.१२.४)। ये भी निष्क्रिय और ऊर्ध्वरेता कहे गये हैं।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 3.12.4 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर अध्याय-पृष्ठ; देवनागरी पाठ सत्यापित प्रतिलिपि से — validation/sanskrit_skandha3.json)