व्यास की पवित्रीकारिणी नदी एवं एकान्त-तट
व्यास ने इसका जल-स्पर्श किया और शुचि तट पर बैठे (भा. १.४.१५, २७)। देवी सरस्वती से भिन्न।
Sarasvati (river)
सरस्वती नदी — वैदिक काल की सबसे पवित्र नदी जिसका उल्लेख ऋग्वेद में बार-बार आता है; वर्तमान में घग्गर-हाकरा नदी की सूखी धारा से पहचानी जाती है। भा. १.४.१५, २७: व्यास ने इसमें स्नान किया और तट पर एकान्त में बैठे। देवी सरस्वती से भिन्न entity।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.4.15 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=110175)
व्यास ने इसका जल-स्पर्श किया और शुचि तट पर बैठे (भा. १.४.१५, २७)। देवी सरस्वती से भिन्न।
सरस्वती पर त्रित, उशनस्, मनु, पृथु, रथाग्नि, असित, वायु, सुदास, गुह और श्राद्धदेव के तीर्थ हैं: 'तस्यां त्रितस्योशनसो मनोश्च...' (भा. ३.१.२२)।