सात्वत-तन्त्र — नारद द्वारा उपदिष्ट वह शास्त्र जो नैष्कर्म्य — कर्मों के बंधन के अंत — का मार्ग बताता है (भा. १.३.८); परम्परा में पंचरात्र-आगम साहित्य से इसकी पहचान की जाती है। स्वतंत्र विकिपीडिया लेख उपलब्ध नहीं।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.3.8 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=369178)
कर्म-बन्धन से मुक्ति-पथ
नारद द्वारा उपदिष्ट: 'नैष्कर्म्यं कर्मणां यतः' (भा. १.३.८)।