Sanatan Info

बीटा AI
शिव
देवता
साझा करें
WhatsApp Facebook X / Twitter Instagram Gmail ईमेल Telegram

शिव

Shiva

अन्य नाम हरः · शूलपाणिः · गिरिशः · वामदेवः · रुद्र · नीललोहितः · भवः · मन्युः

लय-कार्य हेतु 'हर' संज्ञा

एक पुरुष के स्थिति-सृष्टि-लय धारण में लय की संज्ञा 'हर' है: 'स्थित्यादये हरिविरिञ्चिहरेति संज्ञाः' (भा. १.२.२३)।

रुद्र के एकादश नाम — मन्यु, मनु, महिनस्, महान्, शिव, ऋतध्वज, उग्ररेता, भव, काल, वामदेव, धृतव्रत।

भा. ३.१२.१२। इनमें मनु और काल रुद्र के नाम हैं, स्वतन्त्र मनु या काल तत्त्व नहीं।

एकादश रुद्राणियाँ — धी, वृत्ति, उशना, उमा, नियुत्, सर्पि, इला, अम्बिका, इरावती, सुधा, दीक्षा।

भा. ३.१२.१३ में इन्हें स्पष्ट रूप से रुद्र की स्त्रियाँ कहा गया है।

रुद्र को दिये गये दस स्थान — हृदय, इन्द्रियाँ, आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी, सूर्य, चन्द्र और तप।

भा. ३.१२.११ में ब्रह्मा इन्हें पहले से बना हुआ बताते हैं।

शिव — knows tattva of — श्रीकृष्ण

शिव कृष्ण के गुह्यतम प्रभाव के ज्ञाता हैं: 'अस्यानुभावं भगवान् वेद गुह्यतमं शिवः' (भा. १.९.१९)। प्रमाण: प्रत्यक्ष।

शिव — gave weapon to — अर्जुन

शिव ने युद्ध में विस्मित होकर अर्जुन को अपना अस्त्र (पाशुपत) दिया: 'भगवान् युधि शूलपाणिर्विस्मापितः सगिरिजोऽस्त्रमदान्निजं मे' (भा. १.१५.१२) — पार्वती सहित। दिशा: दाता → प्राप्तकर्ता। प्रमाण: प्रत्यक्ष।