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श्रीवत्स

Shrivatsa

वक्षस्थल का चिह्न, जिसे हार प्रिय है

भा. ३.८.२८ में भगवान् 'हारेण चानन्तधनेन वत्स श्रीवत्सवक्षःस्थलवल्लभेन' — अनन्त-धन वाले हार से, जो वक्षस्थल के श्रीवत्स को प्रिय है — वर्णित हैं। श्लोक श्रीवत्स को वक्षस्थल पर स्थित एक चिह्न बताता है।