रजस् का उत्पत्ति-आधार
'तमसस्तु रजः' (भा. १.२.२४)।
Tamas-guna
अन्य नाम तमस् · Tamas
तमोगुण — प्रकृति का तृतीय गुण है: अन्धकार, जड़ता, प्रमाद और अज्ञान-प्रवृत्ति का स्वभाव। संसाधित पदों में: इसी से रजस् उत्पन्न होता है (भा. १.२.२४); यह रजस् के साथ चित्त को आच्छादित रखता है जब तक भगवत्-श्रवण उसे धौत न कर दे (१.२.१७-१९)।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.2.19 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=110173)
'तमसस्तु रजः' (भा. १.२.२४)।