भा. ३.७.३१ में विदुर 'पाखण्डपथवैषम्यं प्रतिलोमनिवेशनम्' पूछते हैं — पाखण्ड-पथों का वैषम्य और प्रतिलोम निवेशन। श्लोक इन्हें बहुवचन में, पथों के भेद के रूप में, रखता है; इसलिये इन्हें समूह के रूप में घोषित किया गया है।
पाखण्ड
The Pakhandas
अन्य नाम Pakhanda-patha (the heretical paths)
पाखण्ड — समूह, वे पथ जो वैदिक मार्ग से भिन्न माने जाते हैं। भा. ३.७.३१ में विदुर 'पाखण्डपथवैषम्यं प्रतिलोमनिवेशनम्' पूछते हैं — पाखण्ड-पथों का वैषम्य और प्रतिलोम निवेशन, तथा उसके बाद 'जीवस्य गतयो याश्च यावतीर्गुणकर्मजाः' — जीव की वे गतियाँ जो गुण और कर्म से उत्पन्न होती हैं। श्लोक पाखण्ड-पथों को एक बहुवचन वर्ग के रूप में रखता है, जिनमें आपस में भेद है।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 3.7.31 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर अध्याय-पृष्ठ; देवनागरी पाठ सत्यापित प्रतिलिपि से — validation/sanskrit_skandha3.json)