भा. ३.११.१८-१९ में त्रेता का नाम कृत के अनन्तर आता है, और उसकी अवधि तीन सहस्र वर्ष (द्विगुण शत सहित) बतायी गयी है। भा. ३.११.२१ में अन्य युगों में धर्म का पाद-पाद घटना और बढ़ना बताया गया है।
Age
त्रेतायुग
Treta-yuga
त्रेतायुग — चतुर्युग में द्वितीय। भा. ३.११.१८ में इसका नाम कृत के अनन्तर आता है, और भा. ३.११.१९ में इसकी अवधि तीन सहस्र वर्ष बतायी गयी है, द्विगुण शत सहित। भा. ३.११.२१ में अन्य युगों के लिये कहा गया है: 'स एवान्येष्वधर्मेण व्येति पादेन वर्धता' — वही धर्म अन्य युगों में अधर्म से पाद-पाद घटता और बढ़ता है।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 3.11.18 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर अध्याय-पृष्ठ; देवनागरी पाठ सत्यापित प्रतिलिपि से — validation/sanskrit_skandha3.json)
चतुर्युग में द्वितीय; त्रिसहस्र वर्ष