युधिष्ठिर ने वज्र को मथुरा में शूरसेन-पति बनाया: 'मथुरायां तथा वज्रं शूरसेनपतिं ततः' (भा. १.१५.३९) — यदुवंश के अवशिष्ट उत्तराधिकारी। प्रमाण: प्रत्यक्ष।
राजा
वज्र
Vajra
वज्र — अनिरुद्ध और उषा के पुत्र, कृष्ण के प्रपौत्र; प्रभास में यदुवंश के पारस्परिक संहार के पश्चात् बचे हुए थोड़े से उत्तराधिकारियों में प्रमुख। भा. १.१५.३९ में युधिष्ठिर ने महाप्रस्थान से पूर्व उन्हें मथुरा में शूरसेन-देश का अधिपति अभिषिक्त किया — जैसे परीक्षित को हस्तिनापुर में (भा. १.१५.३८)। इस प्रकार कुरु और यदु दोनों वंशों की परम्परा एक-एक उत्तराधिकारी के द्वारा सुरक्षित रखी गई।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.15.39 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=364156)
वज्र — crowned at — मथुरा