यजुर्वेद — चार वेदों में द्वितीय: यज्ञीय कर्मकाण्ड की निर्देशात्मक वाणी (यजुः); शुक्ल और कृष्ण दो शाखाएँ। भा. १.४.२० में एक वेद से उद्धृत; धारक वैशम्पायन।
श्रीमद्भागवतमहापुराण 1.4.20 — संस्कृत विकिस्रोत (स्थिर oldid=110175)
यजुर्वेद — division of — वेद
यजुर्वेद एक वेद से उद्धृत (भा. १.४.२०)। प्रमाण: प्रत्यक्ष।