कारण-जल पर भगवत्-निद्रा
शयन करते पुरुष 'योगनिद्रां वितन्वतः' — योगनिद्रा विस्तारी (भा. १.३.२)।
Yoga-nidra (the Lord's mystic slumber)
शयन करते पुरुष 'योगनिद्रां वितन्वतः' — योगनिद्रा विस्तारी (भा. १.३.२)।