Sanatan Info

बीटा AI
त्योहार प्रोफ़ाइल

भाई दूज

भाई बहन से मिलते हैं; बहनें तिलक लगाकर दीर्घायु की कामना करती हैं।

सभी त्योहार

भाई दूज भाई-बहन के बंधन का उत्सव है। बहन भाई के माथे तिलक लगाती है और उसकी दीर्घायु की कामना करती है, और भाई बदले में उपहार देता है।

त्योहार की कथाएँ

यम और यमुना

नदी देवी यमुना ने अपने भाई यम को अपने घर आमंत्रित किया और सेवा की। प्रसन्न होकर यम ने वरदान दिया कि इस दिन बहन से तिलक पाकर मिलने वाला भाई दीर्घायु होगा। इस प्रकार यह दिन भाई-बहन के बंधन का सम्मान करता है।
Yama-Yamuna legend

यम और यमुना

नदी देवी यमुना ने अपने भाई यम को अपने घर आमंत्रित किया और सेवा की। प्रसन्न होकर यम ने वरदान दिया कि इस दिन बहन से तिलक पाकर मिलने वाला भाई दीर्घायु होगा। इस प्रकार यह दिन भाई-बहन के बंधन का सम्मान करता है।
Yama-Yamuna legend

क्यों मनाते हैं

भाई दूज भाई-बहन के बंधन का उत्सव है। बहन भाई के माथे तिलक लगाती है और उसकी दीर्घायु की कामना करती है, और भाई बदले में उपहार देता है।
दीपावली क्षेत्रीय परंपरा

कब

भाई दूज दीपावली के बाद कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को पड़ती है।

कब से मनाया जाता है

यम-यमुना कथा इसे प्राचीन काल से जोड़ती है।
क्षेत्रीय कथा

कौन मनाता है

दीपावली के अंतिम दिन पूरे भारत के हिंदु इसे मनाते हैं।

उत्पत्ति

इसकी उत्पत्ति यम-यमुना की कथा और भगवान कृष्ण व उनकी बहन सुभद्रा के बंधन से जुड़ी है।
यम-यमुना कथा

पूजनीय देवता

संबंधित कथा में यमराज और देवी यमुना का सम्मान है।

कैसे मनाएँ

बहन तिलक लगाती है, आरती करती है, मिठाई अर्पित करती है और प्रार्थना करती है; भाई उपहार देता है और भोजन साझा करता है।

विधि व प्रसाद

तिलक, आरती, मिठाई, और भाई-बहन का भोजन।

मुख्य तथ्य

भाई दूज पाँच दिन की दीपावली का अंतिम दिन है।
Diwali tradition
भाई दूज पाँच दिन की दीपावली का अंतिम दिन है।
Diwali tradition