क्यों मनाते हैं
भीष्म अष्टमी महाभारत के भीष्म पितामह के निधन की स्मृति है, जिसमें गंगा तट पर तर्पण होता है।
महाभारत (भीष्म पर्व)
कब
भीष्म अष्टमी माघ शुक्ल पक्ष की अष्टमी को पड़ती है (जनवरी-फरवरी)।
कब से मनाया जाता है
भीष्म की मृत्यु द्वापर युग की है; तर्पण रीति सदियों से होती आई है।
महाभारत परंपरा
कौन मनाता है
हिंदु, विशेषकर गया और गंगा तट पर, भीष्म के श्राद्ध के साथ इसे मनाते हैं।
उत्पत्ति
इसकी उत्पत्ति महाभारत की भीष्म मृत्यु कथा से है, जिन्होंने उत्तरायण में मृत्यु चुनी, और इस दिन तर्पण की रीति।
महाभारत (द्वापर युग)
पूजनीय देवता
भीष्म पितामह और पितर।
कैसे मनाएँ
पवित्र स्नान करें, गंगा पर तर्पण व श्राद्ध करें, और भीष्म को जल अर्पित करें।
विधि व प्रसाद
तर्पण, श्राद्ध, और जल व पिंड अर्पण।