क्यों मनाते हैं
देव दीपावली वाराणसी में प्रकाश का त्योहार है, जब कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा के घाट असंख्य दीयों से जगमगाते हैं।
वाराणसी क्षेत्रीय परंपरा
कब
देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा पर, दीपावली के पंद्रह दिन बाद मनाई जाती है (अक्टूबर-नवंबर)।
कब से मनाया जाता है
देव दीपावली वाराणसी में सदियों से मनाई जाती है।
वाराणसी परंपरा
कौन मनाता है
वाराणसी और गंगा तट पर हिंदु इसे मनाते हैं।
उत्पत्ति
इसकी उत्पत्ति इस विश्वास से है कि कार्तिक पूर्णिमा पर देवता गंगा में स्नान हेतु उतरते हैं; उनके स्वागत में घाट जलमग्न किए जाते हैं।
वाराणसी परंपरा; कार्तिक पूर्णिमा
पूजनीय देवता
नदी देवी गंगा और स्नान हेतु उतरने वाले देवता।
कैसे मनाएँ
घाटों पर दीयों की पंक्तियाँ जलाएँ, गंगा आरती करें, और नदी को प्रार्थना व दीप अर्पित करें।
विधि व प्रसाद
घाटों पर दीप जलाना, गंगा आरती, और दीप अर्पण।