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दशहरा

भगवान राम की रावण पर विजय — अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक।

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दशहरा (विजयदशमी) भगवान राम की राक्षस राजा रावण पर विजय और माँ दुर्गा की महिषासुर पर विजय का उत्सव है। यह अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है।

त्योहार की कथाएँ

इसकी उत्पत्ति रामायण की रावण पर राम की विजय और देवी माहात्म्य की महिषासुर पर दुर्गा की विजय से जुड़ी है।

रामायण में, भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया और लंबे वनवास व युद्ध के बाद माता सीता को मुक्त कराया। यह दिन विजयदशमी पर माँ दुर्गा की महिषासुर पर विजय भी दर्शाता है।
Valmiki Ramayana; Devi Mahatmya

क्यों मनाते हैं

दशहरा (विजयदशमी) भगवान राम की राक्षस राजा रावण पर विजय और माँ दुर्गा की महिषासुर पर विजय का उत्सव है। यह अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है।
Valmiki Ramayana; Devi Mahatmya

कब

दशहरा नवरात्रि के अंत में आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को पड़ता है (सितंबर–अक्टूबर)।

कौन मनाता है

पूरे भारत और दुनिया भर के हिंदुओं द्वारा मनाया जाता है; उत्तर में रावण के पुतले जलाए जाते हैं, जबकि बंगाल में दुर्गा पूजा की समाप्ति होती है।

उत्पत्ति

इसकी उत्पत्ति रामायण की रावण पर राम की विजय और देवी माहात्म्य की महिषासुर पर दुर्गा की विजय से जुड़ी है।
Valmiki Ramayana; Devi Mahatmya

पूजनीय देवता

भगवान राम, और पूर्वी परंपरा में माँ दुर्गा।

कैसे मनाएँ

पूजा करें, रामलीला में भाग लें, रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाएँ (उत्तर में), और मिठाई व शुभकामनाओं से उत्सव मनाएँ।

विधि व प्रसाद

अपराजिता पूजा, रावण दहन, और पूर्वी भारत में पूजा के बाद दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन।

मुख्य तथ्य

दशहरा को विजयदशमी भी कहा जाता है, जिसका अर्थ दसवें दिन विजय है। यह नवरात्रि का अंत और दीपावली की तैयारी का आरंभ है।
Valmiki Ramayana; Devi Mahatmya