इसकी उत्पत्ति शिव पुराण की गणेश-रचना कथा से जुड़ी है। इसका आधुनिक सार्वजनिक उत्सव भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा है और महाराष्ट्र में लोकप्रिय हुआ।
शिव पुराण के अनुसार, माता पार्वती ने अपनी रक्षा के लिए चंदन के लेप से गणेश को बनाया। जब शिव लौटे और बालक ने उन्हें रोका, शिव ने सिर काट दिया। पार्वती को सांत्वना देने के लिए शिव ने हाथी का सिर लगाकर उसे जीवन दिया और गणेश को अपना पुत्र बनाया।
Shiva Purana; regional tradition