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त्योहार प्रोफ़ाइल

गुरु पूर्णिमा

गुरुओं और आध्यात्मिक शिक्षकों का सम्मान — कृतज्ञता और श्रद्धा का दिन।

सभी त्योहार

गुरु पूर्णिमा आध्यात्मिक शिक्षकों और गुरुओं का सम्मान करती है — गुरुओं और महर्षि वेदव्यास के मार्गदर्शन के लिए कृतज्ञता का दिन।

त्योहार की कथाएँ

वेदव्यास का सम्मान

द्वापर युग
आषाढ़ पूर्णिमा पर जन्मे महर्षि वेदव्यास ने चारों वेदों का संकलन किया, महाभारत और पुराणों की रचना की, और महानतम गुरु माने जाते हैं। गुरु पूर्णिमा उनका और अविच्छिन्न गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान करती है।
Vyasa tradition

वेदव्यास का सम्मान

द्वापर युग
आषाढ़ पूर्णिमा पर जन्मे महर्षि वेदव्यास ने चारों वेदों का संकलन किया, महाभारत और पुराणों की रचना की, और महानतम गुरु माने जाते हैं। गुरु पूर्णिमा उनका और अविच्छिन्न गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान करती है।
Vyasa tradition

क्यों मनाते हैं

गुरु पूर्णिमा आध्यात्मिक शिक्षकों और गुरुओं का सम्मान करती है — गुरुओं और महर्षि वेदव्यास के मार्गदर्शन के लिए कृतज्ञता का दिन।
गुरु-शिष्य परंपरा

कब

गुरु पूर्णिमा हिंदू माह आषाढ़ की पूर्णिमा को पड़ती है (जून–जुलाई)।

कब से मनाया जाता है

आषाढ़ पूर्णिमा पर गुरु सम्मान की परंपरा प्राचीन है, जो वेदव्यास और गुरु-शिष्य परंपरा से जुड़ी है।
प्राचीन परंपरा

कौन मनाता है

हिंदु, बौद्ध और जैन इसे मनाते हैं, शिष्य अपने गुरुओं का सम्मान करते हैं।

उत्पत्ति

यह दिन महर्षि वेदव्यास — वेदों के संकलनकर्ता और महाभारत के रचयिता — और अज्ञान दूर करने वाले सभी गुरुओं का सम्मान करता है।
महर्षि वेदव्यास की परंपरा

पूजनीय देवता

महर्षि वेदव्यास और आध्यात्मिक गुरु।

कैसे मनाएँ

गुरु की पूजा करें, कृतज्ञता अर्पित करें, आशीर्वाद लें, और कई परंपराओं में गुरु के चरणों या प्रतिमा की पूजा करें।

विधि व प्रसाद

गुरु पूजा, पादुका पूजा, शास्त्र पाठ, और कृतज्ञता अर्पण।

मुख्य तथ्य

गुरु पूर्णिमा बुद्ध के लिए भी पवित्र है, जिन्होंने इसी समय अपना प्रथम उपदेश दिया था।
Buddhist tradition
गुरु पूर्णिमा बुद्ध के लिए भी पवित्र है, जिन्होंने इसी समय अपना प्रथम उपदेश दिया था।
Buddhist tradition