हरियाली तीज स्त्रियों का सावन त्योहार है, वैवाहिक सुख की कामना, जिसमें झूले, हरे वस्त्र और शिव-पार्वती की पूजा होती है।
क्यों मनाते हैं
हरियाली तीज स्त्रियों का सावन त्योहार है, वैवाहिक सुख की कामना, जिसमें झूले, हरे वस्त्र और शिव-पार्वती की पूजा होती है।
राजस्थान क्षेत्रीय परंपरा
कब
हरियाली तीज श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया को पड़ती है (जुलाई-अगस्त)।
कब से मनाया जाता है
तीज परंपरा प्राचीन है, सावन ऋतु और पार्वती की भक्ति से जुड़ी।
क्षेत्रीय परंपरा
कौन मनाता है
महिलाएँ, विशेषकर राजस्थान और उत्तर भारत में इसे मनाती हैं।
उत्पत्ति
इसकी उत्पत्ति शिव के प्रति देवी पार्वती की भक्ति और हरे सावन ऋतु के उत्सव से है।
पार्वती भक्ति परंपरा
पूजनीय देवता
भगवान शिव और देवी पार्वती।
कैसे मनाएँ
महिलाएँ हरे वस्त्र पहनती हैं, सजे झूलों पर झूलती हैं, लोक गीत गाती हैं, और वैवाहिक सुख हेतु शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।
विधि व प्रसाद
झूलना, हरे वस्त्र, लोक गीत, और शिव-पार्वती की पूजा।