Sanatan Info

बीटा AI
त्योहार प्रोफ़ाइल

महाशिवरात्रि

भगवान शिव की महान रात्रि — व्रत और रात्रि जागरण पूजा से मनाई जाती है।

सभी त्योहार

महाशिवरात्रि, शिव की महान रात्रि, भगवान शिव का सम्मान है। यह व्रत, ध्यान और भक्ति की रात है, जो अंधकार और अज्ञान पर विजय का प्रतीक है।

त्योहार की कथाएँ

इसकी उत्पत्ति शिव पुराण से जुड़ी है, जिसमें पार्वती से विवाह, तांडव, और समुद्र मंथन में विषपान की कथाएँ हैं।

शिव पुराण के अनुसार, इस रात्रि को शिव ने तांडव नृत्य किया और पार्वती से विवाह किया। यह वह रात भी है जब समुद्र मंथन से निकले विष को पीकर शिव ने संसार की रक्षा की।
Shiva Purana

क्यों मनाते हैं

महाशिवरात्रि, शिव की महान रात्रि, भगवान शिव का सम्मान है। यह व्रत, ध्यान और भक्ति की रात है, जो अंधकार और अज्ञान पर विजय का प्रतीक है।
Shiva Purana

कब

यह फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को पड़ता है (फरवरी–मार्च)।

कौन मनाता है

पूरे भारत और दुनिया भर के हिंदुओं द्वारा मनाया जाता है; वाराणसी और सोमनाथ जैसे शिव मंदिरों में विशेष जागरण और पूजा होती है।

उत्पत्ति

इसकी उत्पत्ति शिव पुराण से जुड़ी है, जिसमें पार्वती से विवाह, तांडव, और समुद्र मंथन में विषपान की कथाएँ हैं।
Shiva Purana

पूजनीय देवता

भगवान शिव और माता पार्वती।

कैसे मनाएँ

दिन में व्रत रखें, रात भर जागरण करें, शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र चढ़ाएँ, और ॐ नमः शिवाय का जप करें।

विधि व प्रसाद

शिवलिंग का अभिषेक, बिल्व पत्र अर्पण, रात्रि में चार प्रहर की पूजा, और भगवान शिव का ध्यान।

मुख्य तथ्य

महाशिवरात्रि शिव भक्तों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रात मानी जाती है। कहा जाता है कि इसी रात शिव ने पार्वती से विवाह किया और तांडव किया।
Shiva Purana