महालया अमावस्या पितरों के सम्मान का दिन है, जिसमें तर्पण और श्राद्ध होता है, और दुर्गा पूजा ऋतु का आरंभ होता है।
क्यों मनाते हैं
महालया अमावस्या पितरों के सम्मान का दिन है, जिसमें तर्पण और श्राद्ध होता है, और दुर्गा पूजा ऋतु का आरंभ होता है।
पितृ पक्ष परंपरा
कब
महालया अमावस्या आश्विन माह की अमावस्या को पड़ती है (सितंबर-अक्टूबर)।
कब से मनाया जाता है
पितृ पक्ष और महालया अनुष्ठान प्राचीन है।
प्राचीन परंपरा
कौन मनाता है
हिंदु पूर्वजों के श्राद्ध के लिए इसे मनाते हैं, विशेषकर बंगाल में दुर्गा पूजा से पहले।
उत्पत्ति
इसकी उत्पत्ति पितृ पक्ष से है, जब पूर्वजों का सम्मान होता है, और दुर्गा पूजा ऋतु का आरंभ।
श्राद्ध परंपरा
पूजनीय देवता
पितर, और बंगाल में इसी दिन दुर्गा का आवाहन आरंभ होता है।
कैसे मनाएँ
पितरों को तर्पण दें, श्राद्ध करें, और दान करें।
विधि व प्रसाद
तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान, और पितरों को भोजन व जल अर्पण।