भीष्म और उत्तरायण
द्वापर युगमहाभारत में भीष्म शरशय्या पर लेटे रहे और सूर्य के उत्तरायण, शुभ उत्तरी मार्ग में ही अपना देह त्यागना चुना, जो मोक्ष का शुभ समय माना जाता है।
Mahabharata (Bhishma Parva)
फसल का त्योहार — सूर्य के उत्तरायण होने पर पतंग, तिल और मिठाई से मनाया जाता है।
मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश व उत्तरायण होने का प्रतीक है। यह नई शुरुआत, पतंग और कृतज्ञता का फसल त्योहार है।