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त्योहार प्रोफ़ाइल

Nag Panchami

सर्पों की पूजा — नाग देवता को समर्पित, रक्षा और आशीर्वाद हेतु।

सभी त्योहार

नाग पंचमी सर्पों की पूजा का त्योहार है, जो नाग देवताओं को समर्पित है, रक्षा और आशीर्वाद हेतु।

त्योहार की कथाएँ

नाग देवता

हिंदू परंपरा में सर्प दिव्य माने जाते हैं। हजार फन वाले शेष ब्रह्मांड को धारण करते हैं, वासुकी का उपयोग समुद्र मंथन में हुआ, और शिव अपने गले में सर्प धारण करते हैं। नाग पंचमी उनका सम्मान करती है।
Puranic tradition

क्यों मनाते हैं

नाग पंचमी सर्पों की पूजा का त्योहार है, जो नाग देवताओं को समर्पित है, रक्षा और आशीर्वाद हेतु।
पौराणिक परंपरा

कब

नाग पंचमी श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी को पड़ती है (जुलाई-अगस्त)।

कब से मनाया जाता है

नाग पूजा प्राचीन है, और नाग पंचमी सदियों से मनाई जाती है।
प्राचीन परंपरा

कौन मनाता है

पूरे भारत के हिंदु, विशेषकर गाँवों और महाराष्ट्र व दक्षिण भारत में इसे मनाते हैं।

उत्पत्ति

इसकी उत्पत्ति नागों (सर्पों) की पूजा से है, जो पुराणों और नाग-देवताओं की रक्षा से जुड़ी है।
पौराणिक नाग पूजा

पूजनीय देवता

नाग देवता, विशेषकर शेष, वासुकी और शिव के सर्प रूप।

कैसे मनाएँ

प्रतिमाओं या जीवित सर्पों को दूध, मिठाई और फूल अर्पित करें, और कुछ क्षेत्रों में नाग मंदिर जाएँ।

विधि व प्रसाद

नाग पूजा, दूध व फूल अर्पण, और सर्प देवता की पूजा।

मुख्य तथ्य

नाग पंचमी पर किसान सर्पों के सम्मान में खेत नहीं जोतते।
Regional tradition