Sanatan Info

बीटा AI
त्योहार प्रोफ़ाइल

नरक चतुर्दशी

राक्षस नरकासुर के दहन का दिन — दीपावली से पहले तेल स्नान से मनाया जाता है।

सभी त्योहार

नरक चतुर्दशी, जिसे छोटी दीपावली भी कहते हैं, भगवान कृष्ण द्वारा राक्षस नरकासुर के वध का उत्सव है, जिसमें प्रातः तेल स्नान होता है।

त्योहार की कथाएँ

नरकासुर का पतन

द्वापर युग
राक्षस नरकासुर ने कई स्त्रियों को बंदी बना लिया था और संसार को आतंकित किया था। भगवान कृष्ण और सत्यभामा ने इसी दिन उसे पराजित किया, संसार को मुक्त किया और बंदी स्त्रियों को लौटाया, अच्छाई की विजय का प्रतीक।
Narakasura legend

क्यों मनाते हैं

नरक चतुर्दशी, जिसे छोटी दीपावली भी कहते हैं, भगवान कृष्ण द्वारा राक्षस नरकासुर के वध का उत्सव है, जिसमें प्रातः तेल स्नान होता है।
दीपावली क्षेत्रीय परंपरा

कब

नरक चतुर्दशी कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को पड़ती है, दीपावली से एक दिन पहले।

कब से मनाया जाता है

नरकासुर कथा द्वापर युग, कृष्ण के युग की है।
क्षेत्रीय परंपरा

कौन मनाता है

पूरे भारत के हिंदु इसे मनाते हैं।

उत्पत्ति

इसकी उत्पत्ति कृष्ण और सत्यभामा द्वारा राक्षस नरकासुर को पराजित करने की कथा से है, जिसने संसार को उसके अत्याचार से मुक्त किया।
नरकासुर कथा (द्वापर युग)

पूजनीय देवता

भगवान कृष्ण और देवी सत्यभामा।

कैसे मनाएँ

सूर्योदय से पहले प्रातः तेल स्नान करें, दीप जलाएँ, और पूजा करें।

विधि व प्रसाद

प्रातः तेल स्नान, दीप जलाना, और कृष्ण की पूजा।

मुख्य तथ्य

नरक चतुर्दशी को छोटी दीपावली कहते हैं, जो मुख्य दीपावली से एक दिन पहले होती है।
Regional tradition