Sanatan Info

बीटा AI
त्योहार प्रोफ़ाइल

ओणम

केरल का फसल त्योहार — पौराणिक राजा महाबलि का स्वागत फूलों, नावों और भोज से किया जाता है।

सभी त्योहार

ओणम केरल का फसल त्योहार है, जो पौराणिक राजा महाबलि के वार्षिक आगमन का उत्सव है — आनंद, भोज और पुष्प आसनों का समय।

त्योहार की कथाएँ

महाबलि का आगमन

त्रेता युग
राजा महाबलि एक न्यायप्रिय और उदार शासक थे। भगवान विष्णु ने वामन अवतार में उन्हें उनके अहंकार हेतु पाताल भेजा, परंतु उन्हें वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने का वरदान दिया। ओणम इसी आगमन का स्वागत है।
Legend of Mahabali; Vamana Purana

महाबलि का आगमन

त्रेता युग
राजा महाबलि एक न्यायप्रिय और उदार शासक थे। भगवान विष्णु ने वामन अवतार में उन्हें उनके अहंकार हेतु पाताल भेजा, परंतु उन्हें वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने का वरदान दिया। ओणम इसी आगमन का स्वागत है।
Legend of Mahabali; Vamana Purana

क्यों मनाते हैं

ओणम केरल का फसल त्योहार है, जो पौराणिक राजा महाबलि के वार्षिक आगमन का उत्सव है — आनंद, भोज और पुष्प आसनों का समय।
केरल क्षेत्रीय परंपरा; महाबलि की कथा

कब

ओणम मलयालम माह चिंगम (अगस्त–सितंबर) में पड़ता है, जो मलयालम कैलेंडर का पहला माह है।

कब से मनाया जाता है

महाबलि कथा चक्रवर्ती राजाओं के युग की है; यह त्योहार केरल में सदियों से मनाया जाता रहा है।
केरल लोक इतिहास; क्षेत्रीय परंपरा

कौन मनाता है

केरल के सभी समुदाय और दुनिया भर के मलयाली इसे मनाते हैं।

उत्पत्ति

इसकी उत्पत्ति राजा महाबलि की कथा से है, जिनका स्वर्ण युग स्मरण किया जाता है और प्रत्येक वर्ष उनका स्वागत किया जाता है।
महाबलि की कथा (वामन पुराण संबंध)

पूजनीय देवता

भगवान विष्णु (वामन अवतार में) और पौराणिक राजा महाबलि।

कैसे मनाएँ

पुष्प आसन (पूक्कलम) बनाएँ, भव्य भोज (ओणसद्या) तैयार करें, पारंपरिक नृत्य (कथकली, तिरुवातिरा) करें और नाव दौड़ का आनंद लें।

विधि व प्रसाद

पूक्कलम (पुष्प आसन), ओणसद्या भोज, थुम्बी थुल्लाल, वल्लम कली (नाव दौड़), और मिट्टी की मूर्ति से महाबलि का स्वागत।

मुख्य तथ्य

ओणम दस दिन का त्योहार है, जो तिरुवोणम पर समाप्त होता है।
Kerala regional tradition
ओणम दस दिन का त्योहार है, जो तिरुवोणम पर समाप्त होता है।
Kerala regional tradition