क्यों मनाते हैं
पुत्रदा एकादशी पुत्र की प्राप्ति के लिए रखी जाने वाली एकादशी है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है।
एकादशी व्रत परंपरा
कब
पुत्रदा एकादशी पौष शुक्ल पक्ष की एकादशी को पड़ती है (दिसंबर-जनवरी)।
कब से मनाया जाता है
एकादशी व्रत प्राचीन है, सदियों से मनाया जाता है।
एकादशी व्रत परंपरा
कौन मनाता है
विष्णु भक्त, विशेषकर पुत्र की कामना करने वाले इसे मनाते हैं।
उत्पत्ति
इसकी उत्पत्ति एकादशी व्रत परंपरा से है, जिसमें यह दिन सद्गुणी पुत्र का वरदान देने वाला माना जाता है।
एकादशी व्रत परंपरा
पूजनीय देवता
भगवान विष्णु।
कैसे मनाएँ
व्रत करें और विष्णु पूजा करें, और सायं पूजा के बाद व्रत तोड़ें।
विधि व प्रसाद
एकादशी व्रत, विष्णु पूजा, और तुलसी व मिठाई का भोग।