इसकी उत्पत्ति महाभारत की द्रौपदी-कृष्ण कथा और श्रावण पूर्णिमा पर रक्षा धागा बाँधने की परंपराओं से जुड़ी है।
महाभारत में, जब युद्ध में कृष्ण घायल हुए, द्रौपदी ने अपनी साड़ी से एक पट्टी फाड़कर उनकी कलाई पर बाँध दी। उसकी सेवा से प्रभावित होकर कृष्ण ने उसकी रक्षा का वचन दिया और बाद में सभा में उसके अपमान के समय उसकी रक्षा की।
Mahabharata; regional Shravana Purnima tradition