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त्योहार प्रोफ़ाइल

Ratha Saptami

सूर्य देव की पूजा — सूर्य के उत्तरायण होने का शुभ दिन।

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रथ सप्तमी सूर्य देव के उत्तरायण और जन्म का उत्सव है, जिसमें सूर्य की पूजा और रथ सप्तमी अनुष्ठान होता है।

त्योहार की कथाएँ

सूर्य का रथ

सूर्य देव सात घोड़ों द्वारा खींचे रथ पर सवार हैं, जो प्रकाश के सात रंगों का प्रतीक हैं। रथ सप्तमी उनके जन्म और शुभ उत्तरायण के आरंभ का उत्सव है।
Solar tradition

क्यों मनाते हैं

रथ सप्तमी सूर्य देव के उत्तरायण और जन्म का उत्सव है, जिसमें सूर्य की पूजा और रथ सप्तमी अनुष्ठान होता है।
सौर परंपरा

कब

रथ सप्तमी माघ शुक्ल पक्ष की सप्तमी को पड़ती है (जनवरी-फरवरी)।

कब से मनाया जाता है

रथ सप्तमी सदियों से सूर्य के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है, सौर चक्र से जुड़ी।
सौर परंपरा

कौन मनाता है

हिंदु, विशेषकर दक्षिण भारत में, सूर्य के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है।

उत्पत्ति

इसकी उत्पत्ति सूर्य देव के जन्म और उत्तरायण के आरंभ से है।
सौर परंपरा; सूर्य पूजा

पूजनीय देवता

सूर्य देव, अपने रथ और सात घोड़ों के साथ।

कैसे मनाएँ

पवित्र स्नान करें, सूर्य को अर्घ्य दें, और सूर्य पूजा करें; कुछ क्षेत्रों में सात घोड़ों के रथ का चित्र बनाएँ।

विधि व प्रसाद

सूर्य को अर्घ्य, सूर्य पूजा, और सूर्य के रथ का चित्रण या पूजा।

मुख्य तथ्य

रथ सप्तमी को माघ सप्तमी भी कहा जाता है।
Solar tradition