क्यों मनाते हैं
ऋषि पंचमी सप्तर्षियों की पूजा और पूर्व पापों की क्षमा का दिन है, जो हरतालिका के बाद मनाया जाता है।
व्रत परंपरा
कब
ऋषि पंचमी भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पंचमी को पड़ती है (अगस्त-सितंबर)।
कब से मनाया जाता है
ऋषि पंचमी अनुष्ठान प्राचीन है, व्रत परंपरा से जुड़ा।
व्रत परंपरा
कौन मनाता है
हिंदु, विशेषकर महिलाएँ, जो सप्तर्षियों की पूजा करती हैं।
उत्पत्ति
इसकी उत्पत्ति सप्त महान ऋषियों की पूजा से है, जो अनजाने में किए गए पापों से शुद्धि के लिए होती है।
व्रत परंपरा
पूजनीय देवता
सप्तर्षि: कश्यप, अत्रि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और भारद्वाज।
कैसे मनाएँ
स्नान करें, सप्तर्षियों की पूजा करें, जल व प्रार्थना अर्पित करें, और कुछ परंपराओं में व्रत करें।
विधि व प्रसाद
सप्तर्षि पूजा, जल व फल अर्पण, और उनके नामों का पाठ।