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त्योहार प्रोफ़ाइल

Shani Jayanti

भगवान शनि का जन्म — न्याय और कष्टों से मुक्ति के लिए पूजा जाता है।

सभी त्योहार

शनि जयंती भगवान शनि के जन्म का उत्सव है, कर्म और न्याय के देवता, जो कष्टों से मुक्ति के लिए पूजे जाते हैं।

त्योहार की कथाएँ

कर्म के देवता

शनि सूर्य और छाया के पुत्र और शनिवार के स्वामी हैं। वे कठोर न्याय के साथ कर्म के फल देते हैं, अच्छे कर्मों का फल देते और पापों को दंडित करते हैं। उनकी पूजा से कष्ट कम होते माने जाते हैं।
Puranic/Jyotisha tradition

क्यों मनाते हैं

शनि जयंती भगवान शनि के जन्म का उत्सव है, कर्म और न्याय के देवता, जो कष्टों से मुक्ति के लिए पूजे जाते हैं।
ज्योतिष परंपरा

कब

शनि जयंती ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अमावस्या को पड़ती है (मई-जून)।

कब से मनाया जाता है

शनि पूजा प्राचीन है, ज्योतिष परंपरा से जुड़ी।
ज्योतिष परंपरा

कौन मनाता है

पूरे भारत में शनि भक्त, विशेषकर शनिवार और शनि मंदिरों में इसे मनाते हैं।

उत्पत्ति

इसकी उत्पत्ति सूर्य और छाया के पुत्र शनि के जन्म से है, जो कर्म के फल प्रदान करते हैं।
पौराणिक/ज्योतिष परंपरा

पूजनीय देवता

भगवान शनि।

कैसे मनाएँ

तेल, काले तिल और भोग से शनि की पूजा करें, और कष्टों से मुक्ति हेतु शनि मंत्र जपें।

विधि व प्रसाद

शनि पूजा, तेल व काले तिल अर्पण, और शनि स्थानों पर पूजा।

मुख्य तथ्य

शनि सूर्य और छाया के पुत्र हैं।
Puranic tradition