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Vishu

केरल का मलयालम नव वर्ष — विशुकन्नी शुभ वस्तुओं की सजावट के साथ मनाया जाता है।

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विषु केरल का मलयालम नव वर्ष है, जिसमें विशुकन्नी, शुभ वस्तुओं की सजावट की जाती है जो वर्ष भर समृद्धि लाती है।

क्यों मनाते हैं

विषु केरल का मलयालम नव वर्ष है, जिसमें विशुकन्नी, शुभ वस्तुओं की सजावट की जाती है जो वर्ष भर समृद्धि लाती है।
केरल सौर परंपरा

कब

विषु मेडम माह (मध्य अप्रैल) में, जिस दिन सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है।

कब से मनाया जाता है

विषु केरल में सदियों से मनाया जाता है, सौर कैलेंडर से जुड़ा।
केरल क्षेत्रीय परंपरा

कौन मनाता है

केरल और दुनिया भर के मलयाली इसे मनाते हैं।

उत्पत्ति

इसकी उत्पत्ति सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के खगोलीय दिन से है, जो मलयालम नव वर्ष और फसल का प्रतीक है।
केरल सौर कैलेंडर परंपरा

पूजनीय देवता

विशुकन्नी में भगवान विष्णु (कृष्ण रूप) और देवी लक्ष्मी का सम्मान।

कैसे मनाएँ

पूर्व संध्या पर विष्णु की प्रतिमा के समक्ष चावल, फल, फूल, सोना और दर्पण से विशुकन्नी सजाएँ; दिन में पहले उसे दर्शन करें और पवित्र स्नान करें।

विधि व प्रसाद

विशुकन्नी दर्शन, पवित्र स्नान, नए वस्त्र, और विशुक्काइनीतम (उपहार व धन) देना।

मुख्य तथ्य

विषु तमिल नव वर्ष (पुथंडु) और बैसाखी के साथ पड़ता है।
Regional tradition